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लक्सर: लक्सर में आयोजित अवतार भड़ाना के जन्मदिन कार्यक्रम में अव्यवस्था और अफरा-तफरी का नजारा देखने को मिला। पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कंबल वितरण कार्यक्रम रखा था, लेकिन यह आयोजन धीरे-धीरे अव्यवस्थित होकर विवाद का कारण बन गया। कंबल वितरण की घोषणा के साथ ही शुरू में तो सब कुछ सामान्य नजर आया, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, माहौल पूरी तरह बदल गया।

कंबल छीनने की होड़ में मचा हंगामा
जैसे ही कंबल वितरण शुरू हुआ, भीड़ बेकाबू हो गई। लोग एक-दूसरे पर झपटते नजर आए, मानो कंबल लेने की प्रतियोगिता हो रही हो। धक्का-मुक्की के बीच कई लोग जमीन पर गिर पड़े और कंबल भी फट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ लोग इतने बेताब हो गए कि उन्होंने दूसरों के हाथों से कंबल छीनने तक की कोशिश की। देखते ही देखते कार्यक्रम एक अराजक माहौल में बदल गया।

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दूरदराज से आई महिलाओं को नसीब नहीं हुआ पानी
कार्यक्रम में दूरदराज से आई महिलाओं ने अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि उन्हें घंटों इंतजार के बावजूद कंबल नहीं मिले और प्यास से बेहाल होने के बावजूद पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। महिलाओं का आरोप था कि आयोजकों ने सिर्फ भीड़ जुटाने पर ध्यान दिया, लेकिन सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

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बड़े चेहरे नदारद, भीड़ जुटाने का आरोप
कार्यक्रम को लेकर एक और बड़ा सवाल उठा कि जिन “बड़े चेहरों” के नाम पर भीड़ जुटाने की कोशिश की गई थी, वे लोग खुद कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इससे लोगों में मायूसी भी देखने को मिली। भीड़ में शामिल कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ नामी नेता या समाजसेवी कार्यक्रम में आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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जनता की उम्मीदों पर फिरा पानी
इस कार्यक्रम से भले ही अवतार सिंह भड़ाना ने जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास किया हो, लेकिन अव्यवस्था और कंबल वितरण में मची भगदड़ ने आयोजन की छवि को खराब कर दिया। लोग खाली हाथ लौटने पर मजबूर हुए, और महिलाओं ने कार्यक्रम की अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

अंत में सवाल खड़े हुए
कंबल वितरण के नाम पर अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की कमी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे कार्यक्रम महज दिखावे के लिए किए जाते हैं? जनता को सुविधाएं देने के नाम पर जब अव्यवस्था हावी हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन है? भले ही यह आयोजन जरूरतमंदों के लिए रखा गया हो, लेकिन जिस तरह से भगदड़ और झगड़े हुए, उससे कार्यक्रम की साख पर बट्टा जरूर लगा है।

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