लक्सर विधानसभा की गलियों, चौपालों और गांव की पगडंडियों पर इन दिनों एक अलग ही दृश्य देखने को मिल रहा है। भाजपा नेता सचिन अग्रवाल अपनी जनसंपर्क यात्रा के दौरान सिर्फ लोगों से मुलाकात ही नहीं कर रहे, बल्कि समाज के उन अनुभवी चेहरों तक भी पहुंच रहे हैं जिनके आशीर्वाद से ही समाज की नींव मजबूत होती है, वो है हमारे बुजुर्ग।
गांव-गांव पहुंचकर सचिन अग्रवाल जब बुजुर्गों का हालचाल पूछते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और सम्मानपूर्वक उन्हें सहारे के रूप में छड़ी भेंट करते हैं, तो यह केवल एक वस्तु देना नहीं बल्कि सम्मान, संवेदना और अपनत्व का संदेश बन जाता है। जिन हाथों ने उम्र भर परिवार और समाज को संभाला, आज उन्हीं हाथों को सहारा देकर सचिन अग्रवाल ने मानो सेवा की नई मिसाल पेश की है।
कई बुजुर्गों की आंखों में खुशी और आत्मीयता साफ झलक रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि पहली बार कोई नेता सिर्फ वोट नहीं, बल्कि बुजुर्गों के दर्द और जरूरत को समझते हुए उनके बुढ़ापे का सहारा बनकर पहुंचा है। यह छड़ी उनके लिए केवल चलने का सहारा नहीं, बल्कि इस बात का एहसास है कि समाज और नेतृत्व उनके साथ खड़ा है।

सचिन अग्रवाल की यह पहल राजनीति से आगे बढ़कर मानवीय संवेदना का उदाहरण बन रही है, जहां जनसेवा, सम्मान और आशीर्वाद एक साथ दिखाई दे रहे हैं। लक्सर की धरती पर यह जनसंपर्क यात्रा अब केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुजुर्ग सम्मान यात्रा बनती जा रही है।
