देहरादून। उत्तराखंड में भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को हो रहे भारी नुकसान के खिलाफ राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने मंगलवार को वन विभाग मुख्यालय, राजपुर रोड देहरादून में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता भालू की वेशभूषा पहनकर पहुंचे और वन्यजीव वार्डन विवेक पांडे के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल और प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन सरकार के पास इसके मुआवजे की कोई व्यवस्था नहीं है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि किसान पहाड़ की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य और पशु क्षति पर मुआवजे का प्रावधान है तो भालू द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन भालुओं के हमलों से उनकी मेहनत पल भर में बर्बाद हो जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में बड़ा आंदोलन करेगी।

जिला अध्यक्ष नवीन पंत ने कहा कि वन विभाग स्वयं स्वीकार कर चुका है कि भालू द्वारा फसल क्षति पर मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा चार महीने पहले प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे किसान परिवारों में भारी नाराजगी है।

प्रदर्शन में वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद नौटियाल, जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ भगवती प्रसाद गोस्वामी, प्रदेश प्रचार सचिव विनोद कोठियाल, महिला प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष शशि रावत, जिला संगठन मंत्री बसंती गोस्वामी, प्रचार सचिव मंजू रावत, आंदोलनकारी प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुशील पटवाल, जिला संगठन सचिव जगदंबा बिष्ट, रेनू नवानी, रजनी कुकरेती, मीना थपलियाल, हेमा कोटनाला, प्रवीण भारद्वाज, शोभित भद्री, सुरेंद्र चौहान, तथा देवभूमि युवा संगठन के सुमित थपलियाल, आशीष नौटियाल और पंकज उनियाल सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए, फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और भालुओं से सुरक्षा के लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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