उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद लक्सर विधानसभा सीट से जुड़ी एक दिलचस्प राजनीतिक चर्चा क्षेत्र में जोर पकड़ती नजर आ रही है…
कहा जा रहा है कि अगर संजय गुप्ता 2022 के विधानसभा चुनाव में लक्सर से विधायक बन जाते, तो आज प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका कहीं अधिक बड़ी हो सकती थी… यहां तक कि उन्हें कैबिनेट मंत्री बनने का मौका भी मिल सकता था।
दरअसल, संजय गुप्ता और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच करीबी संबंध किसी से छिपे नहीं हैं… राजनीतिक गलियारों में भी इस मित्रता की चर्चा अक्सर होती रही है।


लेकिन 2022 के चुनाव में लक्सर की जनता ने अलग फैसला लिया…
उन्होंने संजय गुप्ता पर भरोसा न जताते हुए बसपा प्रत्याशी मोहम्मद शहजाद को अपना प्रतिनिधि चुन कर उन्हें लक्सर का विधायक बनाया।
अब वक्त के साथ-साथ, क्षेत्र में एक नई चर्चा जन्म ले रही है…
हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक ओर रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद लक्सर के कई लोग दबी जुबान से यह कहते नजर आ रहे हैं कि शायद उन्होंने एक संभावित कैबिनेट मंत्री खो दिया।
हालांकि, यह सिर्फ जनभावना और राजनीतिक विश्लेषण का विषय है…
लेकिन इतना जरूर है कि लक्सर की राजनीति में यह मुद्दा अब एक नई बहस को जन्म दे रहा है।
क्या आने वाले समय में यह चर्चा किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा करती है…
यह देखना दिलचस्प होगा।

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