महर्षि भगीरथ की प्रतिमा के समीप बने शौचालय को हटाने की मांग को लेकर लक्सर में विरोध प्रदर्शन किया गया साथ ही प्रशासन को एक ज्ञापन पत्र भी सौंपा गया।
लक्सर बस अड्डे के समीप स्थापित महर्षि भगीरथ जी की प्रतिमा के ठीक पास बने सार्वजनिक शौचालय को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को लक्सर विकास समिति और सैनी समाज के लोगों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरेंद्र दास शर्मा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महर्षि भगीरथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था के महान प्रतीक हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उनकी कठोर तपस्या के फलस्वरूप ही पवित्र गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ। ऐसे महान ऋषि की प्रतिमा के ठीक समीप सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अनुचित है तथा इससे क्षेत्र की जनता और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
लक्सर विकास समिति के अध्यक्ष एवं उत्तराखंड सरकार के पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने इस अवसर पर कहा कि महर्षि भगीरथ की प्रतिमा हमारे क्षेत्र की आस्था और गौरव का प्रतीक है। प्रतिमा के पास शौचालय होने से वहां अस्वच्छता और दुर्गंध का वातावरण बनता है, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रतिमा के समीप बने शौचालय को तुरंत किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए तथा प्रतिमा स्थल के आसपास स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कराया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से यह भी मांग रही है कि लक्सर बस अड्डे का नाम बदलकर “भागीरथ बस अड्डा लक्सर” किया जाए, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान मिल सके और आने वाली पीढ़ियों को भी महर्षि भगीरथ के महान कार्यों की प्रेरणा मिलती रहे।
लक्सर विकास समिति की ओर से प्रशासन को 30 दिन का समय दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो समिति और क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान सैनी समाज से चरण सिंह सैनी, अंकुर सैनी, अंकुश सैनी, सतपाल सैनी, अर्जुन सिंह, रोहित कुमार, मदनपाल सिंह सैनी, दीपक सैनी, कन्हैया सैनी, विक्रम सैनी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।