लक्सर। विद्युत विभाग की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का आक्रोश आज सड़कों पर फूट पड़ा। लक्सर विकास समिति के तत्वावधान में पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों और आम नागरिकों ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया व जमकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिलों में लगाए जा रहे सरचार्ज, अनावश्यक अधिभार, गरीबों के कनेक्शन काटे जाने और जबरन वसूली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभाग की कार्यप्रणाली को जनविरोधी करार दिया।

पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा “यह सीधा-सीधा गरीब, किसान और मजदूर के साथ अन्याय है। जिन घरों में दो वक्त की रोटी मुश्किल से बनती है, उनके कनेक्शन काट देना संवेदनहीन प्रशासन की पराकाष्ठा है। लक्सर की जनता अब चुप नहीं बैठेगी, संघर्ष होगा और निर्णायक होगा।”
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की भीषण बाढ़ के बाद आज भी हजारों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, बावजूद इसके विभाग द्वारा सरचार्ज और विलंब शुल्क लगाकर जनता का शोषण किया जा रहा है। यह न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि संविधान के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मांग की है के बिजली बिलों से तत्काल सरचार्ज एवं अधिभार हटाया जाए कमजोर, गरीब एवं बाढ़ प्रभावित परिवारों को विशेष छूट दी जाए।
बिना पूर्व सूचना के किए जा रहे बिजली विच्छेदन पर तत्काल रोक लगे
बकाया बिलों के लिए आसान किस्त व्यवस्था लागू की जाए
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह संघर्ष सड़कों से लेकर शासन के गलियारों तक पहुँचाया जाएगा।
लक्सर विकास समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह कोई राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि गरीब, किसान और आम नागरिक के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। जब तक जनता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने दो टूक कहा कि “यदि जल्द से जल्द जनहित में निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन और ऊर्जा विभाग की होगी।”
इस दौरान फिरोज सिद्दीकी, रईस अहमद मंसूरी,मोहम्मद अफजल,जहांगीर खान,मोहम्मद इस्लाम,एहसान,मंगल सिंह,प्रेम सिंह सैनी, रवि बाबा, देवांश, विकास,आकाश, परवेज,शुभम शुक्ला,शहजान,आस मोहम्मद, पिंकी देवी,सरिता देवी, सोनी, संगीता,पूनम, डॉ अनिल कुमार रोहित बिष्ट जोगिंदरा सुनीता प्रवेश बोटी सहित सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित थे।
