उत्तराखंड विधानसभा में आज स्थानीय युवाओं के हक की आवाज बुलंद हुई।
खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सदन के वेल में उतरकर स्थानीय उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को 70% रोजगार देने और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
इस दौरान उनके साथ विधायक सुमित हृदयेश, वीरेंद्र जाती और हरीश धामी भी मौजूद रहे।
चारों विधायकों ने बैनर के माध्यम से सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
विधायकों का कहना है कि उत्तराखंड की धरती पर उद्योग लग रहे हैं, लेकिन यहां के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा। ऐसे में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
सवाल साफ है —
जब उद्योग उत्तराखंड की जमीन पर लगेंगे,
तो रोजगार भी उत्तराखंड के युवाओं को ही क्यों न मिले।

